✍विचारपुष्प✍
*🍁🌴🌺✍विचारपुष्प✍🌺🌴🍁*
*"प्रशंसा" से "पिंघलना" मत, "आलोचना" से "उबलना" मत, निस्वार्थ भाव से कर्म करिए, क्योंकि इस "धरा" का, इस "धरा" पर, सब "धरा" रह जाऐगा।_*
*_"मनुष्य कितना भी गोरा क्यों ना हो, परंतु उसकी परछाई सदैव काली होती है !_*
*_"मैं सर्वश्रेष्ठ हूँ" यह आत्मविश्वास है, लेकिन "सिर्फ मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूँ" यह अहंकार है..। अहंकार से जिनका, मन मैला है ,करोड़ों की भीड़ में भी, वह अकेला है!_*
🌞 *सुप्रभात* 🌞
🍁आपका दिन शुभ हो...🍁*
🌞 *सुप्रभात* 🌞
🍁आपका दिन शुभ हो...🍁*
Comments
Post a Comment